जंग की लपटों के बीच ईरान में नौरोज, बमबारी के बीच मनाया गया नववर्ष

बमबारी के बीच ईरान में नौरोज मनाते लोग
जंग के माहौल के बीच ईरान में लोगों ने नौरोज मनाया

1980 के बाद पहली बार युद्ध जैसे हालात में मनाया गया पारसी नववर्ष

ईरान में इस साल पारसी नववर्ष नौरोज बेहद असामान्य हालात में मनाया गया। 1980 के दशक के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब देश युद्ध जैसे माहौल के बीच इस त्योहार को मना रहा है। दरअसल, 1980 में इराक के साथ हुए लंबे युद्ध के बाद अब फिर से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में लोगों के लिए यह नौरोज भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण दोनों बन गया।

बमबारी के बीच भी नहीं टूटी परंपराएं

तेहरान और अन्य शहरों में लोग नौरोज की तैयारियों में जुटे नजर आए। बाजारों में भीड़ दिखी, जहां लोग फूल खरीदते और एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। हालांकि, इसी दौरान अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों की ओर से रुक-रुक कर बमबारी भी होती रही। इसके बावजूद लोगों ने अपने त्योहार की परंपराओं को निभाना जारी रखा।

जश्न के साथ दिखा विरोध का स्वर

तेहरान में नववर्ष के मौके पर कुछ जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम से फायरिंग की गई, जिसे कई लोग जश्न का हिस्सा मान रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने छतों और खिड़कियों से खुशी जताई, जबकि कुछ समूहों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। इससे साफ है कि त्योहार के बीच लोगों की भावनाएं कई तरह की थीं।

सामान्य जीवन से दूर शहर

शुक्रवार को हल्की बारिश के बावजूद सड़कों पर सामान्य से कम भीड़ रही। शहर की रफ्तार धीमी दिखी, क्योंकि आसमान में लगातार लड़ाकू विमान और ड्रोन मंडरा रहे थे। समय-समय पर हो रही बमबारी ने लोगों के बीच डर का माहौल भी बनाए रखा।

कब्रों पर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

ईरान के 31 प्रांतों में लोगों ने अपनी पारंपरिक रस्में निभाईं। कई परिवार अपने प्रियजनों की कब्रों पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोग कब्रों की सफाई करते, सजावट करते और रंग-बिरंगे फूल चढ़ाते नजर आए।

कठिन हालात में उम्मीद का त्योहार

नौरोज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि नई शुरुआत और उम्मीद का प्रतीक है। युद्ध और तनाव के बीच भी ईरान के लोगों ने इसे मनाकर यह संदेश दिया कि परंपराएं और उम्मीदें मुश्किल हालात में भी जिंदा रहती हैं।

Read More :- केरल चुनाव के लिए BJP की तीसरी लिस्ट जारी, पुडुचेरी और असम में भी उम्मीदवार घोषित