जयपुर के देवनगर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, गरिमा किशोरी जी ने सुदामा-कृष्ण मित्रता से बांधा भक्तों को भावनात्मक सूत्र में

जयपुर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन देतीं गरिमा किशोरी जी
जयपुर के देवनगर में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर गरिमा किशोरी जी

श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर फूलों की होली, संस्कारित राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

जयपुर। गुलाबी नगरी के मुरलीपुरा स्थित देवनगर क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा नजर आया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक महाकुंभ का स्वरूप दे दिया।

पूज्या पं. गरिमा किशोरी जी के ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों ने सातों दिन श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर रखा। उन्होंने सरल एवं प्रभावशाली भाषा में वेद, पुराण और श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों को जनमानस तक पहुँचाया। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए संस्कारयुक्त राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।

कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी की निष्काम मित्रता का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। गरिमा किशोरी जी ने बताया कि सुदामा-कृष्ण मिलन संसार को यह सिखाता है कि सच्ची मित्रता न धन देखती है और न पद, बल्कि प्रेम और समर्पण पर आधारित होती है।

कथा समापन के अवसर पर आयोजित फूलों की होली ने पूरे पंडाल को भक्ति और उल्लास से भर दिया। पुष्प वर्षा, अबीर-गुलाल और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए। आयोजन की व्यवस्थाओं में समाजसेवी श्याम भोजवानी की भूमिका सराहनीय रही, वहीं इस धार्मिक अनुष्ठान की प्रेरणा दिलीप कुमार जेठवानी एवं प्रकाश कुमार जेठवानी परिवार से मिली।

समापन अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आध्यात्मिक आयोजन से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है, जो आने वाले समय में समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।

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