महात्मा गांधी की पुण्यतिथि से नशामुक्ति की शुरुआत, ग्रामीणों ने लिया बड़ा फैसला
सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड स्थित कुम्हार रीडिंग गांव में 30 जनवरी से युवाओं की गांधीगीरी देखने को मिलेगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांव को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से युवाओं ने एक अहम और साहसिक निर्णय लिया है। ग्रामीणों की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि 30 जनवरी 2026, शुक्रवार से गांव में किसी भी हालत में शराब की बिक्री या चुलाई नहीं होने दी जाएगी। देशी हो या विदेशी, शराब बेचने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Liquor Ban in Jharkhand Village का ऐलान
कुम्हार रीडिंग गांव में लिए गए इस फैसले का प्रचार-प्रसार गांव के चौक-चौराहों पर किया गया है। युवाओं का कहना है कि अब तक चोरी-छिपे गांव में सात से आठ स्थानों पर शराब की बिक्री होती रही है। इसी को रोकने के लिए यह सामूहिक कदम उठाया गया है। बैठक में कुम्हार रीडिंग गांव के साथ-साथ आसपास के टोला और बस्तियों के लोग भी शामिल हुए।
नशाखोरी से बिगड़ रहा पारिवारिक और सामाजिक माहौल
ग्रामीणों ने बताया कि देशी और विदेशी शराब के सेवन के कारण गांव में पारिवारिक कलह, मारपीट और घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं। कई बार नशे की हालत में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव के विकास पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। इन्हीं कारणों से युवाओं ने आपसी सहमति से शराब की बिक्री और चुलाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।
Police Support for Deaddiction Campaign
ग्रामीणों ने बैठक में पुलिस-प्रशासन से शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। निर्णय की जानकारी स्थानीय थाना को भी दी जाएगी। खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पहले भी कई शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जहां भी अवैध शराब की बिक्री हो, उसकी सूचना दें, नाम गुप्त रखकर कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं की पहल को बताया सराहनीय
थाना प्रभारी ने कुम्हार रीडिंग गांव के युवाओं की पहल को सराहनीय और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी रामपुर और टांकोडीह जैसे गांवों में ग्रामीणों की पहल से शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हो चुकी है। गांव को नशामुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है और इसमें पुलिस-प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
