जेएनयू में आधी रात को हिंसक संघर्ष: ABVP और लेफ्ट छात्रों के बीच भिड़ंत

जेएनयू कैंपस में ABVP और लेफ्ट छात्रों की झड़प
जेएनयू कैंपस में ABVP और लेफ्ट छात्रों के बीच हुई झड़प, वीसी के विवादित बयान को लेकर हिंसक संघर्ष

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार रात एक बार फिर छात्र हिंसा देखने को मिली। कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच भिड़ंत हुई। झड़प की शुरुआत वीसी शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के हालिया इंटरव्यू और उनके बयानों को लेकर हुई।

कुलगुरु शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित कौन हैं?

  • JNU की पहली महिला कुलगुरु (Vice-Chancellor)
  • पद संभाला: 2022
  • पूर्व छात्रा और दक्षिणपंथी विचारधारा के करीब मानी जाती हैं
  • कार्यकाल में कई बार अपने बयानों और फैसलों को लेकर विवादों में रही हैं

क्यों हो रहा वीसी का विरोध?

  • 16 फरवरी 2026 को वीसी ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने दलित और अश्वेत छात्रों को लेकर टिप्पणियां की।
  • उनका कहना था: “आप हमेशा पीड़ित बनकर तरक्की नहीं कर सकते। जैसे अश्वेतों के लिए नियम बनाए गए, वैसा ही दलितों के लिए किया गया।”
  • लेफ्ट छात्र संगठन (SFI, AISA, JNUSU) का कहना है कि यह बयान जातिवादी और अपमानजनक था।
  • इसके विरोध में छात्र वीसी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

आधी रात का बवाल: क्या हुआ?

  • रविवार रात करीब 1:30 बजे साबरमती ढाबे से वीसी आवास की ओर लेफ्ट छात्र “समता जुलूस” निकाल रहे थे।
  • लेफ्ट का आरोप: मार्च शांतिपूर्ण था, तब ABVP के छात्रों ने पथराव और लाठी-डंडों से हमला किया।
  • ABVP का दावा: लेफ्ट छात्र लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे।
  • दोनों गुटों के आमने-सामने आने से मारपीट और चोटें आईं।

घायल छात्र और पुलिस की भूमिका

  • झड़प में 10+ छात्र घायल, कुछ को गंभीर चोटें
  • घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया
  • दिल्ली पुलिस कैंपस में मौजूद थी लेकिन JNU की स्वायत्तता के कारण केवल अनुमति मिलने पर ही अंदर कार्रवाई कर सकी

वीसी का बयान

  • वीसी धुलिपुड़ी पंडित ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
  • उनका कहना है कि कोई स्थायी रूप से “पीड़ित” वर्ग में नहीं रखा जाना चाहिए।

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