कश्मीर में हाई अलर्ट, उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले सुरक्षा चाक-चौबंद
जम्मू। उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan के आगामी वीरवार को घाटी के पहले दौरे से पहले कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने संभावित आतंकी खतरों को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। दरअसल, उपराष्ट्रपति श्रीनगर में आयोजित University of Kashmir के 21वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध लागू किए हैं।
विश्वविद्यालय परिसर और हजरतबल क्षेत्र में कड़ी निगरानी
विशेष रूप से हजरतबल क्षेत्र स्थित विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। इसके अलावा, शहर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, उपराष्ट्रपति, स्थानीय निवासियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। घाटीभर में जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है।
वाहनों की आकस्मिक जांच और गश्त तेज
प्रमुख सड़कों पर नियमित गश्त की जा रही है। साथ ही, क्षेत्र प्रभुत्व अभियान और आकस्मिक निरीक्षण भी जारी हैं। विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा बलों ने खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया है। रात्रि प्रभुत्व अभियान चलाए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए काउंटर-इंसर्जेंसी और क्विक रिएक्शन टीमें रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं।
आईजीपी ने की सुरक्षा समीक्षा
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक V. K. Birdi ने पिछले सप्ताह श्रीनगर स्थित पीसीआर में उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में विस्तृत सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा की गई। उन्होंने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, 24 घंटे गश्त बढ़ाने और प्रमुख स्थानों पर निगरानी मजबूत करने को कहा।
दीक्षांत समारोह में हजारों विद्यार्थियों को डिग्रियां
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन अपने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार कश्मीर आ रहे हैं। वे समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपराज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के चांसलर Manoj Sinha करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री Omar Abdullah बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। 21वें दीक्षांत समारोह में कुल 59,558 डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 44,910 स्नातक, 13,545 स्नातकोत्तर, 461 एमडी/एमएस, चार एमसीएच, 18 एमफिल और 620 पीएचडी उपाधियां शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी सुरक्षा उपाय एहतियात के तौर पर किए गए हैं। हालांकि, आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
