छात्रू की बर्फीली चोटियों पर लंबी लड़ाई
जम्मू-कश्मीर के Kishtwar जिले के छात्रू क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। लगातार 326 दिनों तक चला यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कड़ाके की ठंड थी। ऊंचाई ज्यादा थी। बारिश और बर्फबारी लगातार होती रही। फिर भी जवानों ने हिमालयी दुर्गम इलाकों में डटे रहकर सात कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया।
संयुक्त अभियान की रणनीति
यह ऑपरेशन White Knight Corps के नेतृत्व में चलाया गया। इसके साथ Jammu and Kashmir Police और Central Reserve Police Force (CRPF) की टीमें भी शामिल रहीं। सिविल और सैन्य खुफिया एजेंसियों ने मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड तैयार किया। इसी के आधार पर आतंकियों की लोकेशन ट्रैक की गई। कई बार मुठभेड़ की स्थिति बनी। लेकिन जवानों ने ऑपरेशन जारी रखा।
आधुनिक तकनीक का सहारा
अभियान में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल हुआ। एफपीवी ड्रोन से निगरानी की गई। सैटेलाइट इमेजरी का सहारा लिया गया। आरपीए और यूएवी से मूवमेंट ट्रैक की गई। अत्याधुनिक संचार प्रणालियों ने रियल-टाइम समन्वय संभव किया। इसी तकनीकी बढ़त ने ऑपरेशन को निर्णायक बनाया।
सैफुल्लाह समेत सात का सफाया
इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह और उसके साथियों को ट्रैक किया गया। लगातार पीछा करने के बाद आखिरकार सभी सात आतंकियों को मार गिराया गया। सेना के मुताबिक यह कार्रवाई इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। व्हाइट नाइट कोर ने इसे “वीरतापूर्ण दृढ़ता” बताया।
संदेश साफ: आतंक बर्दाश्त नहीं
सेना ने कहा कि कठिन मौसम और दुर्गम पहाड़ भी जवानों के हौसले को नहीं रोक सके। यह सफलता सुरक्षाबलों के साहस, समन्वय और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। 326 दिन तक चला यह ऑपरेशन दिखाता है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई लंबी जरूर हो सकती है। लेकिन अंततः निर्णायक होती है।
