अमरनाथ यात्रा की तैयारियां तेज, आपदा-संवेदनशील इलाकों की होगी विशेष जांच

Amarnath Yatra preparations in Kashmir
अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां

Amarnath Yatra 2026: पहलगाम और बालटाल मार्ग पर नहीं लगेंगे तंबू, सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

श्रीनगर पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा से पहले दोनों प्रमुख मार्गों पर आपदा-संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले इलाकों की पहचान और स्पष्ट निशानदेही की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने इस संबंध में अनंतनाग और गांदरबल के उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

उच्च जोखिम वाले इलाकों में नहीं होंगी सुविधाएं

मुख्य सचिव ने साफ कहा कि जिन इलाकों को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील या कमजोर माना जाएगा, वहां तंबू, अस्थायी ढांचे या किसी भी प्रकार की सुविधा स्थापित नहीं की जाएगी।
ये निर्देश अमरनाथ गुफा तक जाने वाले दोनों मार्गों पर लागू होंगे—

  • 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम मार्ग (अनंतनाग जिला)
  • 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग (गांदरबल जिला)

यात्रा से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश

बुधवार को श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) की 15वीं उच्चस्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को समय से पहले तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों को एक माह के भीतर सभी टेंडर, खरीद और अनुबंध प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा।

समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना बेहद जरूरी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल और उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए कि हर पड़ाव पर श्रद्धालुओं और सेवा कर्मियों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।

स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी प्राथमिकता

अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य तैयारियों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
इसके तहत—

  • चंदनवाड़ी और बालटाल आधार शिविरों के अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती होगी।
  • यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने पर बाहरी क्षेत्रों से अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ तैनात करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

RFID और वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य

बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि केवल RFID-पंजीकृत और वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र रखने वाले श्रद्धालुओं को ही अमरनाथ यात्रा की अनुमति दी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

श्राइन बोर्ड ने दी तैयारियों की जानकारी

श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनदीप कुमार भंडारी ने बैठक में पिछले वर्ष के बाद किए गए सुधारों और अमरनाथ यात्रा-2026 से पहले प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि—

  • BRO द्वारा ट्रैक उन्नयन कार्य जारी हैं।
  • बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
  • आपदा न्यूनीकरण उपाय, प्रीपेड किराया प्रणाली, शिविरों की क्षमता और
  • श्रमिकों व टट्टू सेवाओं के पंजीकरण की व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

प्रशासन का साफ कहना है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा में सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन किसी भी सूरत में समझौते का विषय नहीं होगा। समय से पहले की गई यह योजना यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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