नकली आभूषणों के बदले 9.5 लाख का सोना और नकद ले गईं महिलाएं, ज्वेलरी शोरूम में मचाया हड़कंप
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर अंदाज में ज्वेलरी ठगी को अंजाम देने वाली दो महिलाओं को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दहिसर इलाके में हुई इस सनसनीखेज धोखाधड़ी ने ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, यह पूरा मामला पिछले साल अक्टूबर महीने का है। मीरा रोड निवासी एक व्यक्ति, जो दहिसर स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उस दिन लक्ष्मी विरान्नन और नागमणी विरान्नन नाम की दो महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचीं। शुरुआत में दोनों महिलाओं ने पुराने गहनों के बदले नए आभूषण खरीदने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने शोरूम मैनेजर का भरोसा जीत लिया। इसके बाद, बिना किसी वैध बिल के, उन्होंने पुराने सोने के आभूषण सौंप दिए और बदले में नए गहने लेने की प्रक्रिया शुरू करवाई। यहीं से ठगी की असली पटकथा शुरू हुई। चालाकी से की गई इस अदला-बदली में दोनों महिलाएं करीब 113 ग्राम सोने के नए आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 9.5 लाख रुपये थी, लेकर फरार हो गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने 125 ग्राम चांदी के गहने और करीब 1 लाख रुपये नकद भी हासिल कर लिए। हालांकि, यह धोखाधड़ी ज्यादा समय तक छिप नहीं सकी। अगले दिन जब शोरूम के विशेषज्ञों ने दिए गए पुराने गहनों की जांच की, तो सामने आया कि वे पूरी तरह नकली थे। इसके बाद तुरंत दहिसर पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद दोनों आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों महिलाओं को बोरीवली की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या लक्ष्मी और नागमणी ने मुंबई या आसपास के इलाकों में इसी तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है। यह घटना ज्वेलरी व्यापारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि अनुभवी ठग किस तरह भरोसे और नकली चमक के दम पर बड़ी ठगी को अंजाम दे सकते हैं।
