NEET छात्रा संदिग्ध मौत केस में पुलिस की भारी चूक, धुली हुई बेडशीट FSL को सौंपने से मचा हड़कंप

NEET student death case Patna investigation
पटना में NEET छात्रा मौत मामले में पुलिस जांच पर सवाल

पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में जांच के दौरान बड़ी लापरवाही उजागर, दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड

NEET छात्रा मौत मामला: पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने एक बार फिर बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित दुष्कर्म और मौत से जुड़े इस संवेदनशील केस में पुलिस जांच के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे होते गए।

FSL रिपोर्ट के बाद पुलिस पर गिरी गाज

मामले की फॉरेंसिक जांच के बाद पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई। एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद पटना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 की जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद की गई है।

SSP कार्यालय ने दी निलंबन की पुष्टि

पटना एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक हेमंत झा और चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद दोनों अधिकारियों ने समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की। इससे शुरुआती जांच प्रभावित हुई और केस की दिशा भटक गई।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा हुआ है, जहां नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताते हुए ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और मीडिया दबाव के बाद पुलिस को जांच तेज करनी पड़ी।

धुली हुई बेडशीट सौंपने का चौंकाने वाला खुलासा

इस केस में पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई, जब यह खुलासा हुआ कि छात्रा की जिस बेडशीट पर वह उल्टी करने के बाद बेहोश हुई थी, उसे धोकर एफएसएल टीम को सौंपा गया। फॉरेंसिक जांच में चादर पर डिटर्जेंट पाउडर के अंश पाए गए। इससे अहम सबूत नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।

परिवार और छात्रों का फूटा गुस्सा

छात्रा के परिवार और हॉस्टल में रह रहे अन्य छात्रों ने पुलिस पर मामले को दबाने और लीपापोती करने का आरोप लगाया। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने केस की समीक्षा की और जांच में हुई चूकों को गंभीर माना।

SIT गठित, सख्त कार्रवाई के संकेत

पटना पुलिस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। SSP ने साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे की जांच के आधार पर और भी सख्त विभागीय कदम उठाए जा सकते हैं।

Read More :- रस्सी जल गई पर बल नहीं गया! भारत के सामने फिसड्डी ये सुपर पावर