दोआबा की 23 सीटों पर नजर, दलित वोटरों को साधने की रणनीति, 2 बड़ी घोषणाएं संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंचेंगे। यहां वे संत निरंजन दास जी से आशीर्वाद लेंगे। यह पहला मौका होगा जब सतगुरु रविदास जी महाराज की जयंती पर प्रधानमंत्री काशी के बाहर किसी डेरे में माथा टेकेंगे। यही वजह है कि PM मोदी का यह दौरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सियासी नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
पंजाब विधानसभा चुनावों में अब करीब एक साल का समय बचा है। ऐसे में भाजपा की रणनीति और प्रधानमंत्री का यह अचानक दौरा कई सवाल खड़े कर रहा है। खासतौर पर दोआबा बेल्ट और दलित वोट बैंक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
PM मोदी का दौरा कब है और कार्यक्रम क्या हैं?
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी 1 फरवरी को दोपहर करीब 4 बजे पंजाब पहुंचेंगे। वे सबसे पहले आदमपुर एयरपोर्ट उतरेंगे। इसके बाद सीधे डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे।
डेरे में PM मोदी क्या करेंगे?
डेरा सचखंड बल्लां में 649वीं गुरु रविदास जयंती का आयोजन किया जा रहा है। इसी अवसर पर PM मोदी डेरा पहुंचकर माथा टेकेंगे और संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लेंगे। यह कार्यक्रम धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक संदेश देने वाला भी माना जा रहा है।
डेरा सचखंड बल्लां का सामाजिक प्रभाव कितना बड़ा है?
डेरा सचखंड बल्लां जालंधर का सबसे बड़ा रविदासिया डेरा है। इससे करीब 20 लाख से ज्यादा संगत जुड़ी हुई है। यह संगत सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और विदेशों तक फैली हुई है।
PM के दौरे को राजनीतिक नजरिए से क्यों देखा जा रहा है?
इसकी बड़ी वजह दोआबा बेल्ट है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 23 सीटें इसी इलाके में आती हैं। पंजाब में करीब 32 प्रतिशत दलित वोटर हैं। इनमें से बड़ी संख्या दोआबा क्षेत्र में रहती है। यही कारण है कि भाजपा का फोकस इस इलाके पर है।
भाजपा ने दोआबा को क्यों बनाया रणनीति का केंद्र?
2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद दोआबा में उसे एकतरफा सफलता नहीं मिली थी। यहां 23 में से AAP सिर्फ 10 सीटें जीत सकी थी। वहीं कांग्रेस ने 9 सीटों पर कब्जा किया था। यह आंकड़ा भाजपा को यहां संभावनाएं दिखा रहा है।
डेरे का सियासी असर कितना है?
डेरा सीधे तौर पर वोट देने की अपील नहीं करता। लेकिन नेताओं के दौरे से संगत के बीच एक स्पष्ट संदेश जरूर जाता है। जालंधर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जीत में भी इसी समाज का बड़ा योगदान माना जाता है।
PM मोदी के दौरे से भाजपा को क्या फायदा दिख रहा है?
भाजपा को दो बड़े फायदे नजर आ रहे हैं। पहला, दलित समाज को यह संदेश देना कि प्रधानमंत्री उनके धार्मिक और सामाजिक केंद्रों का सम्मान करते हैं। दूसरा, अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा को जो सामाजिक आधार की कमी महसूस हो रही है, उसे दलित वोट बैंक से भरने की कोशिश।
PM मोदी कौन सी बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं?
भाजपा सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री इस दौरे पर दो अहम घोषणाएं कर सकते हैं। पहली, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर रखने का ऐलान। दूसरी, 2027 में आने वाली 650वीं गुरु रविदास जयंती के लिए साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत।
