एशियाई-अमेरिकी बाजारों की मजबूती से निफ्टी 25,170 के पार पहुंचा
मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 27 जनवरी को शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती देखने को मिली। दिनभर की अस्थिर चाल के बावजूद अंत में बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 319 अंकों की तेजी के साथ 81,857 के स्तर पर क्लोज हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 126 अंक उछलकर 25,175 के पार बंद होने में सफल रहा। निवेशकों में वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते खरीदारी का रुझान दिखाई दिया।
एशियाई बाजारों से मिला मजबूत संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 2.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,084 के स्तर पर पहुंच गया। जापान का निक्केई इंडेक्स भी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,333 पर कारोबार करता दिखा। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.35 प्रतिशत चढ़कर 27,126 पर पहुंचा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,139 के स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर
अमेरिकी शेयर बाजारों से भी घरेलू निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले। 26 जनवरी को डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 49,412 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डेक कंपोजिट इंडेक्स 0.43 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ क्लोज हुए थे। वैश्विक बाजारों में बनी इस मजबूती ने भारतीय शेयर बाजार को भी सहारा दिया।
FII की बिकवाली जारी, DII बने सहारा
हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला अब भी थमता नजर नहीं आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,191 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब 3,173 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी कर बाजार को संतुलन प्रदान किया। दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों ने कुल 34,350 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जबकि घरेलू निवेशकों ने 79,620 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेत मजबूत बने रहने और घरेलू संस्थागत निवेशकों की निरंतर खरीदारी के चलते आने वाले दिनों में बाजार में सीमित दायरे में मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि एफआईआई की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक कारक बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
