लगातार दूसरे दिन बाजार में गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 20 जनवरी को लगातार दूसरे सत्र में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 300 अंक टूटकर 82,950 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 100 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,500 के अहम स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया।
ज्यादातर शेयर लाल निशान में
सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि सिर्फ 8 शेयरों में तेजी दिखी। कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग लाल निशान में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त में था। अमेरिकी बाजार सोमवार को अवकाश के कारण बंद रहे, लेकिन US फ्यूचर्स 1% से ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहे थे। इससे घरेलू बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव
जनवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार 10वें सत्र में बिकवाली जारी रखी। सोमवार को ही FIIs ने करीब 3,262 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,234 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन FII की बिकवाली का असर ज्यादा भारी रहा।
IT और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली
तीसरी तिमाही के नतीजे मिक्स्ड रहने से IT सेक्टर पर दबाव बना। विप्रो के कमजोर गाइडेंस के चलते IT इंडेक्स करीब 1.1% टूट गया। फाइनेंशियल शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। बाजार ब्रेड्थ नेगेटिव रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही।
रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल में तेजी
रुपया डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 90.98 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 0.11% की तेजी के साथ 64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव की चिंताएं बढ़ीं।
इंडिया VIX में उछाल
इंडिया VIX 4% से ज्यादा बढ़कर 12.34 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता और निवेशकों की घबराहट को दर्शाता है। वीकली एक्सपायरी के कारण डेरिवेटिव सेगमेंट में भी उतार-चढ़ाव बढ़ा।
