किश्तवाड़ में आतंकियों की तलाश तीसरे दिन भी जारी, जंगल में मिला ठिकाना; राशन-सब्जियां और अधपके अंडे बरामद

Kishtwar terrorist hideout found during search operation in forest area
किश्तवाड़ के जंगल में सुरक्षाबलों को आतंकियों का ठिकाना मिला, जहां राशन और ताजा सामान बरामद किया गया।

तीसरे दिन भी जारी सर्च ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन भी लगातार जारी है। सुरक्षाबलों ने इस दौरान आतंकियों के एक अहम ठिकाने का खुलासा किया है। यह ठिकाना घने जंगलों के बीच पहाड़ी ढलान पर बना हुआ था, जिसे दूर से देख पाना बेहद मुश्किल था।

पत्थरों से बना था हाइड आउट

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह आतंकी ठिकाना पत्थरों से तैयार किया गया था और ऊपर से तिरपाल डालकर पूरी तरह छिपाया गया था। तलाशी के दौरान यहां से गैस सिलेंडर, चूल्हा, चावल, गेहूं का आटा, मसाले, इंस्टेंट नूडल्स, ताजी सब्जियां और अधपके अंडे बरामद किए गए हैं। फर्श पर बिछे कंबल यह संकेत देते हैं कि इस ठिकाने का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा था।

लोकल सपोर्ट की आशंका

सुरक्षाबलों का दावा है कि इतनी बड़ी मात्रा में राशन और जरूरी सामान बिना स्थानीय मदद के आतंकियों तक पहुंचना संभव नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि यह सप्लाई सिर्फ सीमा पार से नहीं लाई जा सकती, बल्कि इसमें लोकल नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

टैक्टिकल प्लानिंग का सबूत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हाइड आउट बेहद रणनीतिक तरीके से बनाया गया था। घने जंगल और ढलान के बीच स्थित होने के कारण यह जगह दूर से नजर नहीं आती थी। इससे आतंकियों की सटीक टैक्टिकल प्लानिंग और इलाके की रेकी का अंदाजा लगाया जा रहा है।

पहले भी नष्ट किए गए ठिकाने

इससे पहले कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छोटे-बड़े तीन ठिकानों को नष्ट किया था। यह ऑपरेशन जम्मू क्षेत्र में इस साल आतंकियों के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

शहीद जवान को आज अंतिम विदाई

अभियान के दौरान ग्रेनेड हमले में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए थे। उनका अंतिम संस्कार आज 20 जनवरी को सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव बागेश्वर के बिथ्थी (पाण्याती) में किया जाएगा। छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने सैन्य अस्पताल में अंतिम सांस ली।

2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका

अधिकारियों के अनुसार इलाके में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के तहत जॉइंट सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है।

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