Union Budget 2026 पर विपक्ष का तीखा हमला, सरकार को घेरा

Opposition reaction on Union Budget 2026
आम बजट 2026 पेश होने के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए

बजट पेश होते ही राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, कहा– आम जनता और राज्यों के लिए कुछ खास नहीं

बजट आते ही विपक्ष के तेवर सख्त

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में आम बजट 2026 पेश किए जाने के तुरंत बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह बजट न तो भविष्य की स्पष्ट दिशा दिखाता है और न ही आम जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देता है। इसके साथ ही बजट में रोजगार, महंगाई और सामाजिक संतुलन जैसे अहम मुद्दों पर ठोस रोडमैप की कमी बताई जा रही है।

राहुल गांधी ने तत्काल टिप्पणी से बनाई दूरी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि वह संसद के मंच से अपनी बात विस्तार से रखेंगे। हालांकि कांग्रेस खेमे से जुड़े अन्य नेताओं ने बजट की रूपरेखा पर सवाल उठाए और इसे उम्मीदों से कम बताया।

शशि थरूर ने उठाई बजट की गहराई पर उंगली

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट भाषण में विवरणों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूरे भाषण में सिर्फ कुछ हेडलाइंस थीं, जबकि कई अहम घोषणाओं का इंतजार किया जा रहा था। उन्होंने खास तौर पर केरल का जिक्र न होने पर सवाल उठाया और कहा कि भाषण में गहराई का अभाव साफ नजर आया।

ममता बनर्जी का केंद्र पर भेदभाव का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल को इस बजट में एक पैसा भी नहीं दिया गया। साथ ही उन्होंने जीएसटी बकाया और केंद्र पर लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, सिर्फ शब्दों से जनता को राहत नहीं मिलती, जमीन पर काम दिखना चाहिए।

अखिलेश यादव ने गांव और गरीब का मुद्दा उठाया

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह बजट गरीबों और ग्रामीण भारत से कटा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें न रोजगार की ठोस बात है और न ही नौकरियों को लेकर कोई स्पष्ट योजना। उनके अनुसार, यह बजट देश की बहुत सीमित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

जयराम रमेश ने माहौल और हकीकत का फर्क बताया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बजट को लेकर जो माहौल बनाया गया था, वह भाषण के बाद फीका पड़ गया। उन्होंने दावा किया कि प्रमुख योजनाओं और उनके बजटीय प्रावधानों पर स्पष्टता की कमी साफ दिखाई दी।

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