UP Politics:
महाराष्ट्र के बीएमसी चुनाव में पूर्वांचल के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की एंट्री ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में धनंजय सिंह को बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करते हुए देखा जा रहा है, जिसके बाद यूपी के सियासी गलियारों में उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि, इन वायरल तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और धनंजय सिंह ने भी इन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर नहीं किया है। बावजूद इसके, हाल के दिनों में बीजेपी नेताओं के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियां राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे रही हैं।
बीजेपी नेताओं से बढ़ती नजदीकियां
हाल ही में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन समारोह में धनंजय सिंह की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी थी। इस दौरान सांसद करण भूषण सिंह द्वारा उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेना भी सुर्खियों में रहा। इसके अलावा, 2024 लोकसभा चुनाव में धनंजय सिंह ने जौनपुर से बीजेपी प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह के समर्थन में प्रचार किया था। उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात को भी राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी में एंट्री की सबसे बड़ी बाधा
हालांकि बीजेपी से नजदीकियों के बावजूद धनंजय सिंह की पार्टी में एंट्री की राह आसान नहीं मानी जा रही है। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा है। नशीले कफ सिरप मामले में उनके करीबी की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लगातार उन पर हमला बोल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी उन्हें पार्टी में शामिल करेगी या नहीं।
राजनीतिक सफर
धनंजय सिंह तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। वे 2002 और 2007 में निर्दलीय विधायक बने, जबकि एक बार जेडीयू के टिकट पर भी विधानसभा पहुंचे। 2009 में वे बसपा के टिकट पर लोकसभा सांसद चुने गए थे। वर्तमान में वे जेडीयू में हैं, जो एनडीए का हिस्सा है।
