पश्चिम बंगाल में निपा वायरस के दो पुष्ट मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कोलकाता से सटे उत्तर 24-परगना जिले के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्सें इस खतरनाक वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। लक्षण सामने आने के बाद दोनों को बारासात स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां महिला नर्स की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है और वह कोमा में हैं, जबकि पुरुष नर्स को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
राज्य सरकार ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम के अनुसार, संक्रमितों के संपर्क में आए करीब 120 लोगों की पहचान कर उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। इसके अलावा कोलकाता के संक्रामक रोग अस्पताल में 80 अतिरिक्त बेड और एक पूरी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
14 जनवरी को दो और संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनके सैंपल जांच के लिए एम्स कल्याणी और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है।
केंद्र सरकार ने भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर सहायता का आश्वासन दिया, वहीं विशेषज्ञों की ‘नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम’ बंगाल पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, निपा वायरस जानवरों से इंसानों में फैलने वाला अत्यंत घातक संक्रमण है, जिसकी मृत्यु दर 75 प्रतिशत तक हो सकती है। फिलहाल कोई टीका या विशेष इलाज नहीं होने के कारण सतर्कता और बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।
