सुक्खू सरकार ने विधानसभा में बिना संशोधन बजट कराया पारित, इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा राहत पर फोकस
विधानसभा में ध्वनिमत से बजट पारित
शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने वर्ष 2025-26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सदन में हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक, 2026 पेश किया। इसे बिना किसी संशोधन के मंजूरी मिल गई। खास बात यह रही कि विपक्ष की ओर से इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं किया गया। सरकार ने इस बजट में आधारभूत ढांचे, सामाजिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दी है।
योजनाओं के लिए बजट का बंटवारा
इस अनुपूरक बजट में कुल 36,374.61 करोड़ रुपये राज्य योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं 4,087.34 करोड़ रुपये केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए रखे गए हैं। सरकार ने विकास कार्यों, कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और सामाजिक योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने की कोशिश की गई है।
वेतन, पेंशन और ओवरड्राफ्ट पर बड़ा खर्च
राज्य योजनाओं के तहत सबसे बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन और ओवरड्राफ्ट के लिए रखा गया है। इस मद में कुल 26,194.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी बजट का बड़ा हिस्सा सरकारी कर्मचारियों और वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में खर्च होगा। इसके अलावा बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 4,150.14 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
आपदा राहत, स्वास्थ्य और जलापूर्ति पर फोकस
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 818.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं जलापूर्ति और मल निकासी योजनाओं के लिए 785.22 करोड़ रुपये रखे गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में 657.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाओं के साथ मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन को बढ़ावा
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 555.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे शहरी परियोजनाओं और सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं सड़कों और पुलों के निर्माण व रखरखाव के लिए 453.63 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम को यात्रियों को दी जा रही रियायतों के बदले 443.33 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
शिक्षा, ग्रामीण विकास और केंद्र योजनाएं
ग्रामीण विकास, शिक्षा और खेल सुविधाओं के लिए 244.31 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं आंगनवाड़ी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 221.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय योजनाओं के तहत आपदा प्रबंधन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और अन्य योजनाओं के लिए भी बड़ी राशि तय की गई है। इससे राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
