रोडवेज का बड़ा फैसला, 24 घंटे बस सेवा और हर 15 मिनट में संचालन से यात्रा हुई आसान
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज की खास तैयारी
करौली में आयोजित मां कैलादेवी के वार्षिक लक्खी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रोडवेज ने बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। मेला अधिकारी सुधीर दीक्षित ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष बस संचालन योजना लागू की गई है। इसके तहत यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराई जा रही है।
325 मेला स्पेशल बसें और 50% किराया छूट
रोडवेज ने मेले के दौरान 325 बसों को “मेला स्पेशल” के रूप में चलाया है। इन बसों में यात्रियों को 50 प्रतिशत तक किराए में छूट दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर, जहां हिंडौन से कैलादेवी तक निजी बसें 80 से 100 रुपए तक वसूल रही हैं, वहीं रोडवेज मात्र 40 रुपए में यह सुविधा दे रहा है। इससे श्रद्धालुओं को आर्थिक राहत मिल रही है और यात्रा अधिक सुलभ हो गई है।
9 अस्थायी केंद्रों से 24 घंटे बस सेवा
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 9 अस्थायी बस संचालन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों से 24 घंटे बसें चलाई जा रही हैं। हर 15 मिनट में बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। इसके अलावा आगरा, धौलपुर, भरतपुर और अन्य प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवा भी शुरू की गई है।
आय में बढ़ोतरी और कंट्रोल रूम से निगरानी
रोडवेज को इस व्यवस्था से राजस्व में भी बढ़ोतरी मिली है। 13 मार्च से शुरू हुए संचालन के पहले 6 दिनों में ही करीब 1.25 करोड़ रुपए की आय दर्ज की गई है। वहीं, 18 मार्च को अकेले 36 लाख रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। यात्रियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों को भी रिजर्व रखा गया है। साथ ही कंट्रोल रूम के जरिए बसों की आवाजाही और भीड़ की निगरानी की जा रही है।
बेहतर सेवा के लिए स्टाफ को निर्देश
रोडवेज प्रशासन ने ड्राइवर और कंडक्टरों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर पा रहे हैं।
