1911 में गायब हुई ट्रेन, 1845 में मिली! पागलों के अस्पताल में कैसे पहुंचे मुसाफिर? रोंगटे खड़े कर देगा ये सच

1911 ghost train mystery illustration
1911 में गायब हुई रहस्यमयी ट्रेन की काल्पनिक तस्वीर

रोम से निकली ट्रेन सुरंग में हुई गायब, सालों बाद सामने आई डरावनी कहानी

इंटरनेट पर बीते कुछ सालों से एक रहस्यमयी कहानी लगातार चर्चा में बनी हुई है। दावा किया जाता है कि साल 1911 में इटली की एक ट्रेन अचानक गायब हो गई। कहा जाता है कि यह ट्रेन रोम से रवाना हुई थी और एक सुरंग में घुसते ही रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई। ट्रेन में कुल 106 यात्री सवार थे। कहानी के मुताबिक, जैसे ही ट्रेन लोम्बार्ड क्षेत्र की सुरंग में दाखिल हुई, डिब्बों के भीतर सफेद धुंध भर गई। उसी दौरान दो यात्री डर के मारे चलती ट्रेन से कूद गए और बच गए। जबकि बाकी 104 यात्री हमेशा के लिए गायब हो गए।

1845 में मैक्सिको में दिखी वही ट्रेन?

इस कहानी को और डरावना तब बना दिया गया, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वही ट्रेन 1845 में मैक्सिको में देखी गई। कहा गया कि वहां अचानक 104 लोग प्रकट हुए, जो मानसिक रूप से अस्थिर थे। सभी को मैक्सिको सिटी के एक मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि सभी यात्रियों ने एक जैसी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि वे इटली से एक ट्रेन में सफर कर रहे थे। इसी दावे के आधार पर कहा गया कि ट्रेन समय में खो गई थी।

मठों और अस्पतालों से जुड़ी डरावनी कहानियां

कुछ ब्लॉग्स और वेबसाइट्स ने तो यह तक दावा किया कि यह ट्रेन अलग-अलग समय और जगहों पर दिखाई दी। कहीं इसे किसी मध्यकालीन मठ के पास देखा गया, तो कहीं 1840 के दशक के मैक्सिको सिटी के पागलों के अस्पताल में। यहीं से इस कहानी को टाइम ट्रैवल करने वाली घोस्ट ट्रेन का नाम दे दिया गया।

गोगोल की खोपड़ी वाला दावा

कुछ इंटरनेट पोस्ट्स में यह भी लिखा गया कि ट्रेन में प्रसिद्ध यूक्रेनी लेखक निकोलाई गोगोल की चोरी की गई खोपड़ी रखी हुई थी। हालांकि, इतिहास में गोगोल की खोपड़ी चोरी होने का कोई ठोस प्रमाण कभी नहीं मिला।

Snopes का फैक्ट-चेक क्या कहता है?

फैक्ट-चेक वेबसाइट Snopes ने इस पूरी कहानी की जांच की। जांच में सामने आया कि यह कहानी पूरी तरह अर्बन लीजेंड है। Snopes के अनुसार, इस कहानी की शुरुआत यूक्रेनी लेखक निकोलाई चेर्काशिन की एक काल्पनिक रचना से हुई थी। न तो 106 यात्रियों के नाम कहीं दर्ज हैं और न ही ‘ज़ानेत्ती’ नाम की कोई इटैलियन ट्रेन कंपनी अस्तित्व में पाई गई।

सच क्या है?

साधारण गूगल सर्च से ही यह साफ हो जाता है कि 1911 की इटैलियन घोस्ट ट्रेन कभी थी ही नहीं। यह कहानी इतिहास नहीं, बल्कि कल्पना पर आधारित है। टाइम ट्रैवल करती ट्रेन का विचार भले ही रोमांचक लगे, लेकिन यह रहस्य सिर्फ इंटरनेट की दुनिया तक ही सीमित है।

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