हिमाचल प्रदेश में घाटे वाले 390 बस रूट पर निजी बस संचालन के लिए आवेदन की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-तीन के तहत बस खरीद पर 30 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया।
आवेदन में बूम
- अब तक 3100 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
- विभाग का अनुमान है कि यह संख्या 4500 से अधिक हो सकती है।
- पहले इन रूटों पर आवेदन नहीं मिल रहे थे, लेकिन सब्सिडी के बाद उत्साह बढ़ा।
रूट का विवरण
- कांगड़ा – 101
- बद्दी-नालागढ़ – 9
- कुल्लू – 20
- सोलन – 7
- शिमला – 68
- रामपुर – 14
- नाहन – 15
- चंबा – 11
- बिलासपुर – 19
- हमीरपुर – 18
- मंडी – 95
- ऊना – 13
आवेदन की शर्तें
- आवेदक स्थायी हिमाचली होना चाहिए।
- बेरोजगार होना आवश्यक है।
- सरकारी/अर्ध-सरकारी या राज्य परिवहन उपक्रम में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
- किसी परिवार से केवल एक सदस्य को लाभ मिलेगा।
- अनुदान लेकर बस न चलाने पर परमिट रद्द और अनुदान राशि वसूल की जाएगी।
सब्सिडी और प्राथमिकता
- 18 और 32/42 सीटर बसों की अधिकतम 30% सब्सिडी।
- सब्सिडी वाहन खरीदने और परमिट मिलने के बाद ही दी जाएगी।
- प्राथमिकता: स्थानीय निवासी > उपमंडल निवासी > अन्य पात्र आवेदक।
- यदि आवेदन संख्या अधिक होगी, तो चयन लॉटरी (ड्रा) के माध्यम से होगा।
निष्कर्ष
हिमाचल सरकार की यह पहल घाटे वाले रूटों पर बस सेवा बढ़ाने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब निजी ऑपरेटर इन रूटों पर बस चला सकेंगे, जिससे राज्य में यातायात सुविधा में सुधार होगा।
