राजस्थान विधानसभा में वेद टीचरों के मानदेय बढ़ाने की मांग, 27 हजार करने का प्रस्ताव

Rajasthan Vidhan Sabha and Vedic teachers issue raised by BJP MLA
राजस्थान विधानसभा में वेद टीचरों का मानदेय बढ़ाने की मांग उठी

शून्यकाल में उठी वेद शिक्षा की आवाज

Rajasthan विधानसभा में वेद टीचरों के मानदेय का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। हवा महल सीट से विधायक Balmukund Acharya ने मानदेय बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वेद शिक्षा भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का आधार है। प्राचीन गुरुकुलों की परंपरा ने महान वैज्ञानिक और दार्शनिक दिए। आज के वेद शिक्षक उसी परंपरा के संरक्षक हैं।

15 हजार से 27 हजार करने की मांग

विधायक ने बताया कि केंद्र सरकार के वेद विद्यालयों में अनुभव के आधार पर 27,500 से 38,500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। राष्ट्रीय वेद विद्यालयों में 60 हजार से अधिक मानदेय मिलता है। लेकिन राजस्थान के आदर्श वेद विद्यालयों में केवल 15 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। इसे उन्होंने बेहद कम बताया। उन्होंने मांग की कि राज्य में भी न्यूनतम 22 हजार से 27 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय किया जाए। साथ ही सरकार इसकी समीक्षा करे।

पारंपरिक के साथ आधुनिक शिक्षा की बात

विधायक ने केवल मानदेय ही नहीं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की भी बात कही। उन्होंने गुरुकुलों में खेलकूद प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा अंग्रेजी बोलचाल प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। ज्योतिष, वास्तु, संगीत और कंप्यूटर शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थी पारंपरिक और आधुनिक दोनों ज्ञान में दक्ष बन सकेंगे। और वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।

अन्य विधायकों की भी उठी मांगें

शून्यकाल में अन्य मुद्दे भी उठे। विधायक Devi Singh Shekhawat ने टिकट वितरण में आर्थिक पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण अनुपात तय करने का प्रस्ताव रखा। वहीं विधायक Dr. Subhash Garg ने क्षेत्रीय योजनाओं में पट्टे दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने UIT में नियमों के अनुसार पट्टे नहीं देने पर जांच और कार्रवाई की मांग की। इस तरह विधानसभा में वेद शिक्षा से लेकर आरक्षण और भूमि पट्टा तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है।

Read More :- क्या 80,000 रुपये तक आ सकता है सोना? किस आधार पर लग रहे हैं ये अनुमान