रामचरितमानस की वर्तमान प्रासंगिकता
लेखक: अभिषेक उपाध्यायआचार्य रामचंद्र शुक्ल ने साहित्य की परिभाषा से संबंधित अपने वक्तव्य में कहा है कि प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब होता है, जैसे-जैसे जनता की चित्तवृत्ति […]
