राजस्थान के भरतपुर में बड़ा सड़क हादसा

घने कोहरे में ट्रेलर से टकराई स्लीपर बस, मां-बेटे समेत चार की मौत

राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। घने कोहरे के कारण कासगंज से जयपुर जा रही एक स्लीपर बस सड़क पर खड़े ट्रेलर से टकरा गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही चार यात्रियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।

सेवर पुल के पास हुआ हादसा

यह दुर्घटना बुधवार देर रात सेवर पुल के पास हुई। बस उत्तर प्रदेश के कासगंज से रवाना होकर जयपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक सड़क पर खड़े एक ट्रेलर से बस टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोहरा इतना घना था कि कुछ ही मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे हालात में बस चालक को खड़ा ट्रेलर नजर नहीं आया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।

मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत

पुलिस के मुताबिक इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। मृतकों में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सतोवा गांव की रहने वाली गीता (38) और उनका आठ साल का बेटा कान्हा शामिल हैं। इसके अलावा बस चालक मुखन सिंह (28), जो अलवर जिले के कठूमर का निवासी था, और कासगंज के रहने वाले मुस्लिम (40) की भी जान चली गई। हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल पांच यात्रियों को तुरंत भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कोहरे और लापरवाही ने बढ़ाया खतरा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेलर खराब होने के कारण सड़क पर खड़ा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि ट्रेलर के पीछे कोई बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था। घने कोहरे के बीच यह लापरवाही हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

प्रशासन की अपील

पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान बेहद सावधानी से वाहन चलाएं। साथ ही खराब वाहन को सड़क पर खड़ा करते समय सुरक्षा संकेत लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

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