रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025 में कोटा मंडल के रेलकर्मी रविन्द्र लखारा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा पुरस्कार

रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025 में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कोटा मंडल के वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक रविन्द्र लखारा। Caption (Image Caption)
रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025 में कोटा मंडल के वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक रविन्द्र लखारा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रेलवे बोर्ड की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ‘भोपाल से जोधपुर की मेरी यात्रा: एक यादगार दीपावली’ वृत्तांत हुआ सम्मानित, देशभर की हजारों प्रविष्टियों में आठ विजेताओं में मिली जगह

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक के पद पर कार्यरत रविन्द्र लखारा को रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड की प्रतिष्ठित “रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2025” के अंतर्गत प्रेरणा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उनके द्वारा लिखित हिंदी रेल यात्रा वृत्तांत “भोपाल से जोधपुर की मेरी यात्रा: एक यादगार दीपावली” को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा ने इस उपलब्धि पर रविन्द्र लखारा को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके रचनात्मक लेखन कौशल के साथ-साथ कोटा मंडल एवं पश्चिम मध्य रेलवे के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से रेल कर्मचारियों में हिंदी लेखन एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि और बढ़ेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के साहित्यकारों, रेल अधिकारियों, कर्मचारियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों की हजारों प्रविष्टियां प्राप्त होती हैं। इनमें से केवल आठ प्रतिभागियों का चयन प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं पांच प्रेरणा पुरस्कारों के लिए किया जाता है। रविन्द्र लखारा को इस उपलब्धि के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से 4,000 रुपये की पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।

यह उपलब्धि कोटा मंडल के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित हिंदी रेल यात्रा वृत्तांत प्रतियोगिता में पहली बार कोटा मंडल के किसी रेल कर्मचारी को सम्मानित किया गया है। प्रतियोगिता का आयोजन रेलवे बोर्ड के राजभाषा विभाग द्वारा किया जाता है, जिससे यह सम्मान कोटा मंडल के राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रयासों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। यह उपलब्धि रेल कर्मचारियों को साहित्यिक एवं रचनात्मक लेखन के लिए नई प्रेरणा प्रदान करेगी।