पाकिस्तान और ईरान पर तीखे संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूसरे कार्यकाल के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में कई बड़े दावे किए।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने दोबारा पद संभाला, तब देश संकट में था। लेकिन अब अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध है। उन्होंने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में अमेरिका और बेहतर प्रदर्शन करेगा।
साथ ही उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा दावा किया। ट्रंप ने कहा कि पिछले नौ महीनों में बाहरी लोगों की एंट्री लगभग शून्य रही है।
भारत-पाकिस्तान युद्ध पर चौंकाने वाला बयान
भाषण के दौरान ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया।
उन्होंने कहा कि अगर वह भारत-पाकिस्तान तनाव में दखल न देते, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मारे जा सकते थे।
हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञ इसे कूटनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
ईरान पर सख्त रुख
ट्रंप ने Iran को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकियों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं सौंपे जा सकते। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को “भयानक” बताया। साथ ही संकेत दिया कि अमेरिका अपनी सख्त नीति जारी रखेगा।
टैरिफ नीति का बचाव
अपने संबोधन में ट्रंप ने टैरिफ पॉलिसी का जोरदार बचाव किया।
उन्होंने कहा कि विदेशी देशों पर लगाए गए 15 फीसदी ग्लोबल टैरिफ से अमेरिका को फायदा हो रहा है।
ट्रंप ने दावा किया कि इससे इनकम टैक्स सिस्टम पर बोझ कम होगा। उन्होंने Supreme Court of the United States के हालिया फैसले पर भी नाराजगी जताई। ट्रंप ने कहा कि उनका टैरिफ कानून पूरी तरह वैध है। अगर कोई देश डील तोड़ेगा, तो उसे सख्त जवाब मिलेगा।
‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ वादा पूरा
ट्रंप ने ऊर्जा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ का वादा निभाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को वेनेजुएला से 80 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल मिला। यह दावा उन्होंने Venezuela के संदर्भ में किया। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह भाषण आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा रहा। उन्होंने अमेरिका की ताकत, अर्थव्यवस्था और वैश्विक नेतृत्व को लेकर बड़े दावे किए। हालांकि उनके कुछ बयानों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया आना तय माना जा रहा है।
