FSL जांच तेज, जेल से लेकर अस्पताल तक लिए गए सैंपल
NEET की तैयारी कर रही छात्रा के रेप-मर्डर मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। अब तक 16 लोगों के DNA सैंपल लिए जा चुके हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने बेऊर जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का ब्लड सैंपल लिया। इसके बाद चार अन्य संदिग्धों को गर्दनीबाग अस्पताल लाकर DNA सैंपल लिया गया। इससे पहले 11 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें पीड़िता के परिवार के 5 सदस्य भी शामिल हैं। FSL जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद SIT ने DNA मिलान की प्रक्रिया तेज कर दी है।
परिवार का आरोप: रिश्तों को भी शक के दायरे में लाया गया
मृतका के मामा ने SIT की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच के नाम पर परिवार के रिश्तों को भी दागदार किया जा रहा है। मामा ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार परिवार के लोगों को टेस्ट के लिए उठा रही है, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। गर्दनीबाग अस्पताल के बाहर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि उसके भाई को रातभर थाने में रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जबकि उसका इस केस से कोई संबंध नहीं है।
डॉक्टर की धमकी से बढ़ा विवाद
प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे खुलेआम धमकी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे कहते हैं कि जो भी साजिश करेगा, उसे “जमीन में गाड़ देंगे”। इस बयान पर राजनीतिक हलकों में भी हलचल है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले को दबाने की कोशिश बताया।
पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता। FSL रिपोर्ट आने के बाद इस निष्कर्ष पर मुहर लग गई है। अब DNA रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे आरोपी की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।
लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने SIT की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए DGP समेत वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। इसके साथ ही CID की एंट्री भी हो चुकी है।
पीड़िता के पिता की 8 मांगें
पीड़िता के पिता ने DGP को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने CCTV फुटेज की FSL जांच, मोबाइल CDR, अस्पताल स्टाफ के बयान और इलाज में हुई लापरवाही समेत 8 अहम बिंदुओं पर जांच की मांग की है।
