अरबपतियों के सियासी वर्चस्व के बीच भारत बना मिसाल, आरक्षण से लोकतांत्रिक ताकत का बंटवारा

India reservation system strengthens democracy
ऑक्सफैम रिपोर्ट में भारत की आरक्षण व्यवस्था की सराहना

ऑक्सफैम रिपोर्ट में दावा, भारत की आरक्षण व्यवस्था ने हाशिये के वर्गों को दिलाई निर्णायक राजनीतिक शक्ति

दुनिया भर में राजनीति पर अरबपतियों के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में उभरा है। अंतरराष्ट्रीय अधिकार समूह ऑक्सफैम ने अपनी ताजा असमानता रिपोर्ट में भारत की आरक्षण प्रणाली की खुलकर सराहना की है। यह रिपोर्ट विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के पहले दिन जारी की गई। ऑक्सफैम ने कहा है कि जहां कई देशों में राजनीतिक ताकत अमीर वर्ग के हाथों में सिमटती जा रही है, वहीं भारत की आरक्षण व्यवस्था लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का ठोस मॉडल पेश करती है।

भारत की आरक्षण व्यवस्था की सराहना

रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों के लिए राजनीतिक आरक्षण ने लंबे समय से हाशिये पर रहे समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया है। इससे न केवल उनकी आवाज संसद और विधानसभाओं तक पहुंची है, बल्कि नीतियों के पुनर्वितरण को भी मजबूती मिली है। इसके अलावा, भारत में हाल ही में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का फैसला भी लोकतांत्रिक समावेशन की दिशा में एक अहम कदम बताया गया है। शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण को भी सामाजिक न्याय का मजबूत आधार माना गया है।

लोकतंत्र में बहुसंख्यक शक्ति की भूमिका

ऑक्सफैम का मानना है कि लोकतंत्र तभी प्रभावी होता है जब आम नागरिक निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर सकें। इसके लिए संस्थागत समावेशन, जवाबदेह राजनीति और सुशासन जरूरी है। रिपोर्ट में ट्रेड यूनियनों, नागरिक संगठनों और जमीनी आंदोलनों की भूमिका को भी लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताया गया है।

ब्राजील के मॉडल का भी जिक्र

भारत के साथ-साथ ब्राजील के ‘पार्टिसिपेटरी बजटिंग’ मॉडल को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इस प्रणाली के तहत नागरिकों को नगर बजट पर सीधे निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। इसे सहभागी लोकतंत्र का अंतरराष्ट्रीय उदाहरण माना गया।

असमानता के चौंकाने वाले आंकड़े

रिपोर्ट में बताया गया है कि अरबपतियों के किसी राजनीतिक पद पर पहुंचने की संभावना आम नागरिकों की तुलना में 4,000 गुना अधिक है। साल 2025 में अरबपतियों की कुल संपत्ति 18.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। वहीं, दुनिया की एक चौथाई आबादी को आज भी पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है। ऑक्सफैम ने चेतावनी दी है कि बढ़ती आर्थिक असमानता लोकतांत्रिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में भारत की आरक्षण प्रणाली वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरी है।

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