Vaishno Devi Shrine Board ने ड्रोन से किया बीज छिड़काव, पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में श्राइन बोर्ड का अहम कदम
कटरा में माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए एक सुखद समाचार सामने आया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने त्रिकूट पर्वत को और अधिक हरा-भरा बनाने के लिए एक आधुनिक और प्रभावशाली पहल की है। इसके तहत ड्रोन तकनीक के माध्यम से सीड डिस्पर्सल यानी बीज छिड़काव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और पर्वतीय क्षेत्र में हरित आवरण को मजबूत करना है।
ड्रोन तकनीक से हुआ बीजों का छिड़काव
वीरवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम CEO की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुआ। एक निजी विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक की सहायता से त्रिकूट पर्वत के दुर्गम इलाकों में बीजों का छिड़काव किया। ड्रोन के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच संभव हो सकी, जहां सामान्य तौर पर पौधारोपण करना कठिन होता है।
हरियाली बढ़ाने के साथ जैव विविधता पर फोकस
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूत किया जाएगा। बीज छिड़काव के साथ-साथ कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
भक्तों को मिलेगा स्वच्छ और सुंदर वातावरण
त्रिकूट पर्वत क्षेत्र में हरियाली बढ़ने से श्रद्धालुओं को आने वाले समय में अधिक स्वच्छ, सुंदर और प्राकृतिक वातावरण मिलेगा।
इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि यात्रा का अनुभव भी और अधिक सुखद बनेगा। श्राइन बोर्ड का मानना है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आस्था का यह संगम पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी मॉडल बन सकता है।
आधुनिक तकनीक से पर्यावरण सुरक्षा की मिसाल
श्राइन बोर्ड की यह पहल यह दर्शाती है कि वह पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हरियाली बढ़ाना आने वाले समय में अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
